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SUMMARY:Makar Sankranti (मकर संक्रान्ति)
DESCRIPTION:मकर संक्रांति: ऋतु परिवर्तन का पर्व \nमकर संक्रांति हिन्दू धर्म के प्रमुख त्योहारों में से एक है। यह सूर्य के उत्तरायण होने पर मनाया जाता है। सूर्य के उत्तरायण होने का मतलब है कि सूर्य की दिशा उत्तर की ओर मुड़ती है। इस दिन से दिन छोटे होने लगते हैं और रातें लंबी होने लगती हैं। \nमकर संक्रांति को भारत के विभिन्न हिस्सों में अलग-अलग नामों से जाना जाता है। इसे उत्तर भारत में खिचड़ी\, तमिलनाडु में पोंगल\, कर्नाटक में भोगी\, ओडिशा में उगादी\, बंगाल में पोष संक्रांति\, और पंजाब में लोहड़ी के नाम से जाना जाता है। \nमकर संक्रांति के दिन लोग सुबह जल्दी उठकर स्नान करते हैं और सूर्य को अर्घ्य देते हैं। इस दिन तिल\, गुड़\, और खिचड़ी का विशेष महत्व होता है। तिल और गुड़ को एक साथ खाने से स्वास्थ्य अच्छा रहता है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है। खिचड़ी को भी स्वास्थ्यवर्धक माना जाता है। \nमकर संक्रांति के दिन लोग अपने घरों और दुकानों को सजाते हैं। इस दिन मेले और त्योहार भी लगते हैं। लोग एक-दूसरे को तिलक लगाकर और मिठाई खिलाकर बधाई देते हैं। \nमकर संक्रांति एक महत्वपूर्ण ऋतु परिवर्तन का पर्व है। यह दिन नए जीवन की शुरुआत का प्रतीक है। इस दिन लोग अपने पिछले पापों से मुक्ति पाने और नए साल में सुख-समृद्धि की कामना करते हैं। \nमकर संक्रांति के महत्व \nमकर संक्रांति के कई धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व हैं। इस दिन सूर्य देवता की पूजा की जाती है। सूर्य देवता को जीवन का स्रोत माना जाता है। इस दिन पवित्र नदियों में स्नान करने से पापों से मुक्ति मिलती है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है। \nमकर संक्रांति को स्नान और दान का पर्व भी कहा जाता है। इस दिन लोग पवित्र नदियों में स्नान करते हैं और तिल\, गुड़\, खिचड़ी\, और अन्य वस्तुओं का दान करते हैं। ऐसा माना जाता है कि इस दिन किए गए दान से सूर्य देवता प्रसन्न होते हैं और मनोकामनाएं पूरी करते हैं। \nमकर संक्रांति को एक सामाजिक पर्व भी माना जाता है। इस दिन लोग एक-दूसरे को तिलक लगाकर और मिठाई खिलाकर बधाई देते हैं। यह दिन लोगों को एक-दूसरे के करीब लाने और सामाजिक सद्भाव को बढ़ावा देने में मदद करता है। \nमकर संक्रांति के कुछ रोचक तथ्य \n\nमकर संक्रांति को भारत के अलावा नेपाल\, बांग्लादेश\, और श्रीलंका में भी मनाया जाता है।\nमकर संक्रांति के दिन सूर्य की किरणें पृथ्वी के सबसे निचले बिंदु पर पड़ती हैं। इस कारण इस दिन सूर्य की किरणें सबसे अधिक शक्तिशाली होती हैं।\nमकर संक्रांति के दिन तिल\, गुड़\, और खिचड़ी का सेवन करने से स्वास्थ्य अच्छा रहता है।\n\nमकर संक्रांति एक महत्वपूर्ण त्योहार है जो भारत के लोगों के जीवन में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह त्योहार लोगों को अपने पूर्वजों की याद दिलाता है और उन्हें नए साल में सुख-समृद्धि की कामना करता है।
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